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शारीरिक श्रम के दौरान हृदय गति (नाड़ी की दर)

क्या आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं? नाड़ी दर/धड़कन को मापने से आपको अपनी तंदुरूस्ती के स्तर और स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती हैं। शारीरिक श्रम के दौरान मेड़ इंड़िया के हृदय गति/नाड़ी दर कैलक्युलेटर का प्रयोग कर, यह जाँच करें की आपकी नाड़ी दर सामान्य हैं या नहीं। कहीं आप सुरक्षित क्षेत्र से बाहर तो नहीं जा रहें हैं (अपनी उम्र के अनुसार नाड़ी दर की जांच करने के लिए यह बटन दबाए)। व्यायाम करते समय अपनी उम्र के अनुसार नियत/सुरक्षित नाड़ी दर क्षेत्र का चयन कर, यह जाँच करें कि आपकी नाड़ी दर सामान्य या अधिकतम तीव्र तो नहीं हैं। किसी भी प्रकार की असामान्य धड़कन एक चिकित्सीय हालत को इंगित करती हैं।
शारीरिक श्रम के दौरान नाड़ी की स्पंदन दर
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हृदय गति (नाड़ी की दर) के बारे में तथ्य

  • शारीरिक श्रम या कसरत करने से हृदय गति/नाड़ी की दर बढ़ जाती हैं। कसरत करने के थोड़े देर के बाद भी यदि हृदय गति/नाड़ी सामान्य नहीं होती हैं, तो आप अपने डॉक्टर से मिले ।
  • दैनिक शारीरिक व्यायाम करने से हृदय प्रणाली की क्षमता और शक्ति बढ़ जाती हैं।
  • शारीरिक श्रम और व्यायाम इतना भी उग्र ना हो कि हृदय गति/नाड़ी की दर, सीमा दर सें बहुत अधिक हो जाये।
  • यदि धड़कन प्रति मिनट 60 से कम हैं, तो इसे मंद नाड़ी (ब्राड़ी कार्डीया) कहा जाता हैं। मंद नाड़ी के कारण :
    • चयापचयी (मेटाबोलिक) समस्यायें
    • दिल की बीमारी
  • यदि धड़कन प्रति मिनट 100 से अधिक हैं, तो इसे (टैकी कार्डीया) उच्च नाड़ी दर कहा जाता हैं। उच्च नाड़ी दर होने के कारण
    • बढ़ी हुई गतिविधि
    • कुछ दवाओं का विपरित असर
    • शराब सेवन
    • अतिगल ग्रंथिता (हॉयपरथायरॉयिडिस्म)
    • दिल और फेफड़ों के रोग

अपनी हृदय गति /नाड़ी की दर को कैसे मापें ?

प्रति मिनट हृदय गति की संख्या को चिकित्सकीय भाषा में नाड़ी दर कहा जाता हैं। अपनी हृदय गति को मापने के लिए, आप अपनी कलाई या गर्दन में हो रही धड़कन को 15 सेकंड या 30 सेकंड तक नापे और फिर क्रमानुसार 4 या 2 से गुणा करें या फिर पूरे 1 मिनट तक नापे । आप कमर, घुटनों के पीछे और भीतर की ओर या पैर के ऊपर से, आदि इन क्षेत्रों में अपनी नाड़ी जांच कर सकते हैं। लेकिन यदि आप किसी भी प्रकार की विषमता (कम या अधिक नाड़ी दर नाड़ी दर) पाते हैं तो एक चिकित्सक विशेषज्ञ की सलाह लीजिए।