शॉक (झटका)

अवलोकन

  • शॉक (झटका) जीवन के लिये खतरनाक स्थिति है

  • महत्वपूर्ण अंगों को पर्याप्त रक्त न मिलने के परिणामस्वरूप शॉक होता हैं ।

कारण

  • गंभीर संक्रमण

  • एलर्जी प्रतिक्रियाएं

  • लू लगना (हीट स्ट्रोक)

  • शॉक

  • विषाक्तता ।

  • चोट

लक्षण

  • ठंड़ी, चिपचिपी त्वचा

  • निर्जीव आँखें

  • फ़ैली हई पुतलियां

  • उल्टी या जी मतलाना

  • कमजोरी लगना

  • भ्रमित होना

  • उत्तेजना

  • चिंता

  • उथली धीमी/सांस आना या तेज/गहरी साँस आना

  • कमजोर और तेज़ धड़कन ।

उपचार



ऐसा हो तो आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्राप्त करें-

  • व्यक्ति को पीठ के बल लिटायें

  • पैरों को सिर के स्तर से ऊँचा उठाएं

  • यदि पैरों को ऊँचा उठाने से दर्द होता हैं, तो व्यक्ति को निश्चल ही रखें

  • श्वास की जांच करें

  • यदि नहीं साँस नहीं आ रही तो, कार्डियो पल्मोनरी रिसास्किटेशन (सीपीआर) करें

  • तंग कपड़ों को ढ़ीला कर के व्यक्ति को आरामदेह स्थिति में रखें

  • व्यक्ति को कंबल से ढ़क देवें

  • अगर मुंह से उल्टी या खून बह रहा हैं, तो पीड़ित को करवट से लिटा दें

  • मुँह से खाने के लिये कुछ ना देवें ।

रोकथाम

  • झटके को रोकने के तरीकों को जानियें

  • यदि आपके एलर्जी हैं तो आपातकालीन किट को हमेशा साथ रखें

  • परिवार और दोस्तों को आपातकालीन किट का उपयोग करना सिखायें ।