सूर्य दाह

अवलोकन

  • सूर्य दाह (सन बर्न) त्वचा का जलना हैं

  • सूर्य में बहुत देर तक रहने के परिणाम से यह होता हैं

  • सामान्य अनावरण के परिणाम से विटामिन डी बनता हैं

  • हम सभी जीवन में कभी न कभी सूर्य दाह का सामना करते हैं

  • सूर्य दाह से बहुत असुविधायें होती हैं

  • इस से समय से पूर्व परिपक्वता और कैंसर भी हो सकता हैं

  • बच्चों, युवा और वयस्कों में यह सामान्य होता हैं।




कारण

  • बाहरी गतिविधियों के दौरान सूर्य की पराबैंगनी किरणों के

  • धूप से तपाने वाली लाईट (टेनिंग बेड)

  • उच्च ऊंचाई वाली स्थानों की यात्रा ।

जोखिम कारक

  • हल्की-चमड़ी और बालों वाले लोग

  • सूर्य में हुई बाहरी गतिविधियाँ

  • त्वचा पर पहले की चोट

  • हरपीस, पोर्फ़िरिया जैसे संक्रमण

  • एंटीबायोटिक, एंटी-सोरोरेटिक जैसी कुछ दवाएं ।

लक्षण



त्वचा की जख्म सूर्य के संपर्क के 30 मिनट के भीतर शुरू होती हैं

  • त्वचा में ललाई

  • उत्तेजना

  • फफोले

  • दर्द

  • त्वचा में जलन

  • त्वचा की हानि

  • निर्जलीकरण

  • फ्लू जैसे लक्षण

  • संक्रमण

  • बुखार

  • यदि बहुत गंभीर हो तो, यह सदमा मौत की ओर बढ़ने वाला एक कदम हो सकता हैं ।

उपचार

स्व-सहायता

  • सूर्य से बचने के लिये अंदर जायें

  • उजागर अंगो को ढ़कें

  • ठंड़े पानी से स्नान करें

  • बाजार में उपलब्ध ठंडे पुलटिस का उपयोग करें, जैसे कि बरो घोल
    1. एक पिंट पानी में घोल को घोलें
    2. एक साफ कपड़े या पटटी को इस घोल में भिगोयें
    3. इसे अच्छी तरह निचोड़े
    4. घोल को 20 मिनट तक जले हुये हस्से पर लगायें
    5. कपड़े और घोल को हर 2 घंटे में बदलें

  • ग्वार पेठा मिश्रित घोल को लगायें

  • तेल, स्नान लवण, सुगंधित लोशन आदि से बचें

  • रगड़ने, शेविंग से बचें

  • कोमल तौलिये का उपयोग करें

  • सूर्य दाह हो तो सूरज से बच कर रहें।

डॉक्टर से परामर्श करें

यदि -

  • दर्द

  • सिरदर्द या भ्रम हो तो

  • फफोले

  • मतली या उल्टी

  • अचेतनता

  • अन्य चिकित्सक स्थिति के साथ भी सूर्य दाह हो सकता हैं।

रोकथाम

  • जब सूरज में बाहर जायें तो टोपी, लंबी बाजू की पोशाक और लंबी पैंट पहनें

  • सूर्य के संपर्क में आने से बचने की कोशिश करें।

  • सूर्य के संपर्क में सूर्य-ब्लॉक क्रीम का उपयोग करें

  • सूर्य ब्लॉक क्रीम के लिए उपयुक्त एस पी एफ़ नंबर चुनें

  • सूर्य ब्लॉक क्रीम को हर 2-3 घंटों में फिर से लगाना चाहिए

  • धूप से तपाने वाली लाईट से बचियें (टेनिंग बेड) ।