दाँत क्षय या दाँत की हानि

अवलोकन
  • विभिन्न कारकों के कारण दाँत का क्षय या नुकसान हो सकता हैं
  • वयस्कों और बच्चों दोनों में होता हैं
  • कुछ मामलों में इसे रोका जा सकता हैं।
कारण
  • चोट
  • आघात
  • पुरानी आदते:
    • अंगूठा चूसना
    • मुँह से साँस लेना
    • चुसनी का उपयोग
  • अपर्याप्त मौखिक स्वच्छता या दांत में कीड़ा लगना
  • बेमेल जबड़ा या दांत
  • अनुवांशिक कारक ।
लक्षण
  • दर्द
  • रक्त हानि या स्राव (रिसना) होना
  • कमजोरी महसूस करना ।
उपचार

आपातकालीन स्थिती के आधार पर दंत चिकित्सक की मदद लें। गिरते दांत को फिर से लगाने के लिए, इन चरणों का पालन करें-
  • ऊपर से गिरते दांत को धीरे से दबाएं
  • जड़ों को न छूएं
  • दांत को धीरे से धोये
  • मुँह में बहुत पानी ना रखे
  • कोटर में दाँत को लगाने की कोशिश करें
  • यदि आप प्रतिस्थापित नहीं कर सकते, तो इसे दूध या अपनी लार में रखें
  • आप इसे नमकीन पानी के मिश्रण में भी रख सकते हैं- एक सेर के लगभग (1क्वार्ट) पानी में 1/4 छोटी चम्मच नमक मिलायें ।
रोकथाम
  • खेल के दौरान मुंह पट पहनें या ढ़क कर रखे
  • जल्द से जल्द मसूढ़ो के रोग का इलाज करें
  • नियमित रूप से ब्रश या दातौन करे या दंत धागे (फ्लॉसिंग) के द्वारा दांतों का ख्याल रखे
  • एंटीसेप्टिक या कीटाणु रोधक द्रव्य से मुंह को नियमित रूप से धोयें ।