मधुमेह रोगियों को व्यायाम नियमों में वार्म-अप (गरमाना) चरण, एरोबिक और शांत होने के चरण शामिल करने चाहिए।मधुमेह रोगियों को व्यायाम नियमों में वार्म-अप (गरमाना) चरण, एरोबिक और शांत होने के चरण शामिल करने चाहिए।

वार्म-अप (गरमाना) चरण

यह चरण व्यायाम शुरु करने से 5-10 मिनट पहले किया जाता हैं और इसमें कम गहनता, आसान हरकतें शामिल होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई व्‍यक्ति जॉगिंग करना चाहता हैं, तब उसे इससे पहले वार्म-अप (गरमाना) चरण से प्रारंभ करना होगा। बैडमिंटन या टेनिस या गोल्फ़ का खेल शुरू करने से 5 से 7 मिनट पहले स्ट्रेचिंग या खींचने और झुकने के व्‍यायाम या अन्‍य प्रकार के वार्म-अप (गरमाना) व्‍यायाम किये जाते हैं। स्ट्रेचिंग शरीर को लचीला बनाने में मदद करती हैं और व्यायाम के बाद शरीर में दर्द से बचाव में भी मदद मिलती हैं।

एरोबिक चरण

नियमित व्‍यायाम योजना के आदतन लोगों में इस चरण के दौरान 20 से 30 मिनट की गहन शारीरिक गतिविधियां शामिल होती हैं। जिन लोगों ने हाल ही में नया-नया व्‍यायाम कार्यक्रम शुरू किया हैं, वे लंबे समय तक एरोबिक चरण करने में सक्षम नहीं हो सकते, और उन्‍हें इसे धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए। इस चरण के दौरान, दिल तेजी से धड़कता हैं और श्वास लेने में कठिनाई होती हैं। एरोबिक व्यायाम इंसुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाने और शरीर में वसा कम करके सामान्य ग्लूकोज मेटाबॉलिज्‍म या चयापचय को बहाल रखने में मदद करता हैं।

कूल डाउन या शांत होने का चरण

यह व्यायाम के अंत में अंतिम 5-10 मिनट का चरण हैं। कूल डाउन या शांत रखने का चरण, दिल की धड़कन और श्वास लेने की दर को धीरे-धीरे धीमा कर देता हैं। किसी भी व्‍यक्ति को अचानक कभी भी व्यायाम बंद नहीं करना चाहिए। जॉगिंग के बाद धीमा चलना शान्‍त रहने के चरण का एक उदाहरण हैं।