दौरा (स्ट्रोक)

अवलोकन
  • स्ट्रोक को “मस्तिष्क का आघात” भी कहा जाता हैं,
  • यह गंभीर तंत्रिका संबंधी चोट हैं,
  • यह खून का थक्का (इस्कीमिक) बनने या खून बहने (रक्तस्राव) के कारण भी हो सकता हैं,
  • मस्तिष्क के एक भाग में रक्त की आपूर्ति के रूकने से होता हैं,
  • ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता हैं,
  • जिससे ”खून का थक्का या खून बहना” शुरू हो जाता हैं - फलस्वरूप मस्तिष्क की कोशिकायें मृत/क्षतिग्रस्त हो जाती हैं,
  • और यह अवस्था मस्तिष्क स्ट्रोक में परिणित हो जाती हैं ।
कारण/जोखिम
  • उच्च रक्तचाप
  • मधुमेह
  • धूम्रपान करना
  • दिल की बीमारी ।
लक्षण
  • संवेदनाशून्य/हाथ/पैर/चेहरा/शरीर के एक पक्ष में कमजोरी हो जाती हैं,
  • बोलने/समझने में अचानक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती हैं,
  • एक या दोनों आँखों की दृष्टि बिगड़ जाती हैं,
  • अचानक सिर में दर्द हो जाता हैं,
  • संतुलन/समन्वय की कमी हो जाती हैं,
  • चक्कर आते हैं।
उपचार
  • यदि आपको स्ट्रोक का संदेह हैं, तब तुरन्त आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्राप्त करें,
  • रोगी को आश्वस्त करें,
  • रोगी का सिर और कंधे थोड़ा ऊंचा उठाकर उसे लेटा दें,
  • यदि रोगी को अच्छी तरह से साँस लेने में दिक्कत हो रही हैं तो सी.पी.आर. का प्रयोग करें,
  • यदि रोगी की सांस नहीं चल रही/प्रतिक्रिया नहीं दे रहा तब उसे बांई करवट से लेटा दें,
  • रोगी की ठोड़ी को थोड़ा आगे की ओर बढ़ाएं।
निम्न करने से बचें
  • स्ट्रोक से पीड़ित व्यक्ति को कभी भी खाने/पीने के लिये कुछ मत दें
  • पीड़ित व्यक्ति को हिलने-डुलने मत दें।
निवारण
  • रक्तचाप की नियमित रूप से जाँच करें,
  • कम नमक वाला आहार लें,
  • नियमित रूप से व्यायाम करें,
  • संतुलित, स्वस्थ आहार लें,
  • नियमित रूप से रक्तचाप की दवाईयाँ लें।
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