प्राकृतिक उपचार - शराबखोरी /मदात्यय

प्राकृतिक उपचार - शराबखोरी /मदात्यय

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शराबखोरी क्या है?

शराबखोरी एक शारीरिक और मानसिक लत हैं। शराब के लंबे समय तक इस्तेमाल से शारीरिक और मानसिक स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं और व्यवहार से जुड़ी विभिन्न सामाजिक समस्यायें भी पैदा हो जाती हैं। शारीरिक रूप से यह पाचन तंत्र, अग्न्याशय, नसों, और दिल को प्रभावित करता हैं।

शराबखोरी के सामान्य कारण :
  • डिप्रेशन/ अवसाद
  • खंडित मानसिकता/एक प्रकार का पागलपन
  • आनुवंशिकी
  • विरासत
  • प्रमाणित व्यवहार
  • पर्यावरण
  • क्षतिग्रस्त रिश्ते
शराब को छोड़ने के लिए घरेलू उपचार :

सुझाव 1:

पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैं कि व्यक्ति को शराब छोड़ने के लिए अपने आप को तैयार करना चाहिए। सच तो यह हैं कि शराब छोड़ने का एकमात्र सही तरीका हैं- एक झटके में ही शराब छोड़े।

सुझाव 2:

सेब- नियमित अंतराल से जितना हो सके सेब का सेवन करना चाहिये, इससे शराब की तलब में कमी आती हैं। साथ ही शरीर के विषाक्त पदार्थों को साफ़ करने में मदद मिलती हैं।

सुझाव 3:


अंगूर- इस फल में शराब एक शुद्ध रूप में निहित होती हैं। इस आदत को छोड़ने के इच्छुक व्यक्ति को, कम से कम एक महीने तक, हर 4-5 घंटे में, अंगूर का सेवन करना चाहिए।

सुझाव 4:

करेला का रस नशा छोड़ने के लिए एक बहुत अच्छा माध्यम हैं, इसके सेवन से शरीर से विषाक्त पदार्थ साफ होते हैं। 3 बड़ी चम्मच रस को एक गिलास छाछ में मिला कर पीना सेहतमंद हैं, क्योंकि यह क्षतिग्रस्त जिगर को स्वस्थ करने में भी मदद करता हैं।

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