यदि आप इस बारे में अनिश्चित हैं कि आपके ब्लड प्रेशर के नंबरों या मानक का क्या मतलब है? पता नहीं क्या वे उच्च रक्त के दबाव या निम्न रक्तचाप का संकेत देते हैं?यदि आपने हाल ही में अपने रक्तचाप की जाँच की है और ऊपर और नीचे की संख्याएँ या मानक जानते हैं, तो हम सुझाव देंतें हैं कि आप नीचे दिए गए बॉक्स में मानक दर्ज करें और तुरंत इस पर अंदाज़ा प्राप्त करें, चाहे वह सामान्य हो या असामान्य। कैलक्युलेटर आपके आयु वर्ग की मानक सीमा से, साथ ही सामान्य आदर्श मात्रा में होने वाले परिवर्तन या भिन्नता की तुलना करके, रक्तचाप का मूल्यांकन करता है। अंतिम परिणाम आपको यह समझने में मदद करेगा कि नियमित रूप से अपने उच्च रक्त के दबाव का लेखा-जोखा (ब्लड प्रेशर रीडिंग) रखना क्यों आवश्यक है और सामान्य रक्तचाप को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी देता है।अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (ए.एच.ए) और अन्य चिकित्सा संगठन, उच्च रक्तचाप वाले लोगों को अपने घर पर ही रक्तचाप की निगरानी करने का परामर्श देते हैं। घर पर निगरानी बहुत आसान है यह समय और पैसा दोनों बचाता है, साथ ही सफेद कोट उच्च रक्तचाप से बचाता है। रक्तचाप दो इकाईयों का 'गणितीय प्रतिनिधित्व' है: हृदय के धड़कने के समय, धमनियों की दीवारों के खिलाफ लगाया गये बल (सिस्टोलिक) को शीर्ष संख्या कहा जाता हैं और नीचे की संख्या, दिल के आराम की स्थिति में धमनियों की दीवारों के खिलाफ लगाये जाने बल (डायस्टोलिक) को कहा जाता हैं। सामान्य रक्तचाप की सीमा 110/70 से 120/80 माना जाता है।
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नोट: यह कैलक्युलेटर केवल 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए है।
रीडिंग तब ली जानी चाहिए जब कोई व्यक्ति तनाव मुक्त और आराम की स्थिति में हो। परीक्षण को दिन के अलग-अलग अंतराल पर या कुछ दिनों तक दोहराया जाना चाहिए जब तक कि समान मानक लगातार प्राप्त न हो जाएं। व्यायाम या भोजन के तुरंत बाद माप से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय रक्तचाप अधिक हो सकता है। व्हाइट कोट सिंड्रोम से भी सावधान रहें! यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें कुछ लोगों का रक्तचाप डॉक्टर के कार्यालय में उच्च होता है, लेकिन घर पर सामान्य होता है, यह चिंता और तनाव के कारण हो सकता है। व्हाइट कोट सिंड्रोम से गलत निदान और अनावश्यक उपचार हो सकता है।
याद रखें कि उच्च रक्तचाप के प्रबंधन के लिए रक्तचाप (बीपी) को ठीक से मापना महत्वपूर्ण है। और इसके लिए एक से अधिक बार मानक लेने की आवश्यकता हो सकती है, जिसमें सही नाप का कफ, बांह की सही स्थिति, स्थिर रहना, धूम्रपान और कैफीन युक्त पेय से परहेज करना जरूरी हैं। हस्तचालित या स्वचालित यंत्र से रक्तचाप का माप लेने के लिए उपरोक्त सुरक्षा नियमों को समान रूप से को मानने की आवश्यकता है।
घर पर रक्तचाप की निगरानी
उच्च रक्तचाप यह एक मूक रोग है और मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। चिंता, अत्यधिक पसीना, धड़कन, थकान, चक्कर आना या कान बजना जैसे बहुत सूक्ष्म संकेतक या कोई भी लक्षण नहीं हो सकते हैं। घर पर ब्लड प्रेशर की निगरानी करने से उच्च रक्तचाप से जुड़े दिल के दौरे और स्ट्रोक जैसी जटिलताओं को रोका जा सकता है। घर पर रक्तचाप की निगरानी यंत्र होम (ब्लड प्रेशर डिवाइस) आमतौर पर स्वचालित ब्लड प्रेशर कफ और माप का उपयोग करते हैं। एक प्रतिष्ठित चिकित्सा संघ द्वारा मान्य द्वारा प्रमाणित यंत्र ही खरीदें। निम्नलिखित निर्देश आपके रक्तचाप की घरेलू निगरानी में मदद कर सकते हैं
मानक लेने की तैयारी - कैफीन युक्त पेय और धूम्रपान से बचें। अपने मूत्राशय को खाली करें और रीडिग लेने के, कम से कम 30 मिनट पहले तक आपको कोई व्यायाम नहीं करना चाहिए। माप के दौरान अपने सेल फोन या टीवी देखने से भी बचें।
रीड़िंग का समय - प्रतिदिन एक ही समय मानक या रीड़िंग लेवें- सुबह या शाम में या या दोनों समय ।
रीडिंग लेते समय और स्थिर रहे - रीडिंग लेने से पहले 5 मिनट आराम करें क्योंकि हिलने-डुलने, पढ़ने से मानक प्रभावित हो सकते है।
सही तरीके से उपयुक्त मुद्रा में बैठे- सोफे की बजाय कुर्सी पर पीठ को सीधा और सहारा देकर बैठें। अपने पैरों को फर्श पर सपाट रखें और क्रॉस न करें। आपकी कोहनी को टेबल पर सपाट सहारा देना चाहिए और कफ वहां होना चाहिए जहां आपकी मध्य-छाती हो ताकि यह आपके दिल के समान स्तर पर हो।
रीडिंग लेते समय आस्तीन ऊपर खींचें - कफ को नंगे हाथ पर बांधें।
सही कफ चुनें और कफ बांधें- अपने हाथ के आकार के आधार पर आप छोटे, मध्यम और बड़े के बीच के कफ का चयन कर सकते हैं। नर्स या डॉक्टर से पूछना सबसे अच्छा है कि आपके हाथ के लिए कौन सा कफ आकार सबसे अच्छा है। कफ को आपकी बांह के चारों ओर अच्छी तरह से और आपकी कोहनी के ऊपर दो अंगुल की चौड़ाई से बांधा जाना चाहिए।
रीडिंग की संख्या- दो मिनट के अंतराल पर कम से कम एक से दो से तीन रीडिंग लें। हर दिन एक ही हाथ का प्रयोग करें।
प्रत्येक दिन एक ही समय, जैसे सुबह और शाम रीडिंग लेना महत्वपूर्ण है। एक सप्ताह के लिए रोजाना रीडिंग ले और इसे डायरी में लिख लेवें। डॉक्टर या नर्स से अगली मुलाक़ात पर उन्हें डायरी दिखा कर सलाह लेवे।
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