मधुमेह डायबिटीज डाइट मिथक क्या हैं?

मधुमेह को मैनेज करना और ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित रखना आसान होता है जब आप देखते हैं कि आप क्या खाते हैं। मधुमेह के रोगी अक्सर विभिन्न कारणों से आहार संबंधी सिफारिशों का पालन नहीं करते हैं। एक कारण यह हो सकता है कि उनके आहार पालन के बारे में पूर्वकल्पित विचार हैं।

आंकलन मधुमेह के बारे में शिक्षित करने के लिए, भोजन के विकल्पों के बारे में उनकी आम भ्रांतियों का आंकलन करना महत्वपूर्ण है। यह जानने के लिए कि क्या खाना चाहिए, आहार परिवर्तन के बारे में उचित निर्देश महत्वपूर्ण हैं। यहां कुछ सामान्य मधुमेह आहार तथ्यों के साथ मिथक हैं जो आपको एक बेहतर कल्पना देंगे।

मिथक #1: चीनी और चीनी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने से मधुमेह होता है।

सच:

चीनी और चीनी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे मिठाई, कैंडी के सेवन से मधुमेह नहीं होता है। मधुमेह के सामान्य कारण अपर्याप्त इंसुलिन स्राव, मोटापा, गतिहीन जीवन शैली और उच्च कैलोरी सेवन हैं। कैलोरी सेवन और कैलोरी के उपयोग की दर के बीच असंतुलन से मधुमेह हो सकता है।

मिथक #2: कड़वे खाद्य पदार्थ हाइपरग्लेसेमिया को बेअसर करते हैं।

सच: लोग मानते हैं कि मधुमेह का संबंध उच्च रक्त शर्करा के स्तर से हैऔर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिये, जो कड़वे होते हैं जैसे कि करेला, मेथी जो रक्त शर्करा के स्तर को कम कर के उसे प्रभावहीन करती है। इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कड़वे खाद्य पदार्थों का ऐसा प्रभाव होता है। बल्कि, फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ और एंटी-ऑक्सीडेंट में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं और यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं।

मिथक #3: अगर आपको मधुमेह है तो कार्बोहाइड्रेट से बचें।

सच: कार्बोहाइड्रेट एक स्वस्थ मधुमेह आहार का आधार है। ग्लूकोज, कार्बोहाइड्रेट का सबसे सरल रूप हैं जो मस्तिष्क के लिए ऊर्जा का एकमात्र स्रोत है। इसलिए, दैनिक आहार से कार्बोहाइड्रेट को छोड़ना कोई समझदारी भरा विकल्प नहीं है। इसके बजाय, मिश्रित कार्बोहाइड्रेट चुनें जैसे कि साबुत अनाज, मोटा अनाज बाजरा,जवार, जौ आदि, उच्च रेशे फाइबर वाले फल, सब्जियां जो खनिजों और विटामिन से भरी हुई हैं।

मिथक #4: आप अपने मनचाहे प्रोटीन खा सकते हैं, क्योंकि वे जीरो कार्ब्स हैं।

सच:

प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, पशु-पक्षी का मांस, पनीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा नगण्य होती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इन्हें कार्बोहाइड्रेट के बदले में सेवन किया जा सकता है। बहुत अधिक प्रोटीन का सेवन मधुमेह वाले लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकता है, क्योंकि चरबी से भरपूर खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से मांसाहारी स्रोत घनीकृत चरबी से भरपूर होते हैं। प्रोटीन की अधिक मात्रा का सेवन करने से हृदय रोग हो सकते हैं।

इसलिए प्रत्येक भोजन में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का संयोजन रक्त में ग्लूकोज के स्राव में देरी करता है और भोजन के बाद रक्त शर्करा के स्तर में अचानक आने वाली वृद्धि से बचने के लिए इंसुलिन प्रतिक्रिया को बढ़ाता है।

मिथक #5: मधुमेह वाले लोगों को फल खाने की अनुमति नहीं है।

सच: फल विटामिन, खनिज और रेशा (फाइबर) के महत्वपूर्ण उत्कृष्ट स्रोत हैं। शरीर में अपर्याप्त इंसुलिन स्राव होने के कारण आहार से एक स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट स्रोत को समाप्त करना एक अच्छा निर्णय नहीं है। रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के तरीकों में से एक यह सुनिश्चित करना है कि कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थों का आकार छोटा होना चाहिए। बिना चीनी के ताजे या जमे (फ्रीज) हुए फल हमेशा नाश्ते के रूप में लें और भोजन खत्म करने के तुरंत बाद नहीं खायें।

अमेरिकिन आहार संबंधी दिशानिर्देश में वे प्रति दिन लगभग 2 कप फलों का ही सेवन करने की सलाह देते हैं। अनाज या दालों की तुलना में, फल की एक हिस्से (सर्विंग) में 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 60 कैलोरी होती है।

मिथक #6: मधुमेह रोगियों के लिए फलों का रस पीना ठीक है।

सच: ताजे फल को खाने से रस के साथ-साथ रेशा भी शरीर में जाता हैं। फल खाने की तुलना में अधिक रस पीना बहुत आसान है। इसके अलावा, फलों के रस आसानी से पच जाते हैं क्योंकि ये तरल होते है। तरल होने से ये एक ठोस की तुलना में रक्त शर्करा को अधिक तेज़ी से बढ़ा सकते है। जब पाचन तेज होता है तो ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ता है। आप फलों के रस के सेवन को 4 औंस (120 मिली) तक सीमित कर सकते हैं, बशर्ते उनमें अतिरिक्त शक्कर न हो।

मिथक #7: अंडे रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाते हैं।

सच: एक अंडे में लगभग 7 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, 5 ग्राम चरबी, 1.6 ग्राम घनीकृत चरबी और 75 कैलोरी, आयरन, विटामिन, खनिज, और कैरोटीनॉयड के साथ होती है। मधुमेह वाले लोग हृदय रोग के जोखिम के आधार पर सप्ताह में कुछ अंडे खा सकते हैं।

हालांकि, एक अंडे में 213एम.जी कोलेस्ट्रॉल होता है, लेकिन शोध ने साबित कर दिया है कि घनीकृत चरबी अधिक घातक है जो रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाकर हृदय रोगों का कारण बनती है। आपके अंडे बनाने का तरीका भी मायने रखता है। अंडा भुर्जी बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि एक नॉन-स्टिक बर्तन में स्वस्थ तरल तेल या तेल स्प्रे का उपयोग करे या उन्हें पानी में उबाल कर खायें।

मिथक #8: मधुमेह रोगी आलू, गाजर, चुकंदर जैसी स्टार्च वाली सब्जियां नहीं खा सकते।

सच: सब्जियों को जड़ों, कंदों, हरी पत्तेदार सब्जी, बिना स्टार्च वाली सब्जियों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। मधुमेह वाले लोग खाने में इन सब्जियों का संयोजन कर सकते हैं, क्योंकि संतुलन ही कुंजी है। आलू जो कि एक स्टार्च वाली सब्जी हैं, उसे बिना स्टार्च वाली सब्जियों जैसे लेट्यूस, सलाद, हरी बीन्स, या ब्रोकोली के साथ संतुलित किया जा सकता है।

आलू में केले की तुलना में फाइबर, विटामिन सी और पोटेशियम अधिक होता है। इसी तरह, चुकंदर और गाजर में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो कोषाणुओं या सेल को क्षति पहुँचाने से बचाते हैं। मक्खन और खट्टे क्रीम से भरे आलू के चिप्स या मैश किए हुए आलू के बजाय, स्वास्थ्यवर्धक तरीके सें सेंकें हुयेऔर उबले हुए आलू खायें।

मिथक #9: बार-बार खाने से रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है

सच: दिन भर में बार-बार छोटा खाना मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और पचे हुए भोजन को ग्लूकोज के रूप में शरीर में छोड़ता रहता है। चूंकि रक्त में ग्लूकोज का भार कम होता है, इसलिए इंसुलिन को ऊर्जा उत्पादन के लिए कोशिकाओं में उसे धकेलना आसान हो जाता है। इसे ग्लाइसेमिक लोड कहते हैं।

यदि आपके पास भोजन का सही विकल्प है तो पूरे दिन के भोजन को छोटे-छोटे भोजन में संतुलित करना एक बुद्धिमानी भरा निर्णय होता हैं। छोटा मात्रा में भोजन विकल्पों के लिए साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थ, फल, स्प्राउट्स, फलियां, नट्स और सलाद को प्राथमिकता दें क्योंकि वे कार्बोहाइड्रेट युक्त नाश्ते की तुलना में इनसे संतृप्ति अधिक होती हैं।

जब आप अपने भोजन को दो छोटे भागों में बाँटते हैं, तो भाग के आकार को कम करना आसान होता है। जब आप थोड़ा-थोड़ा करके खाते हैं तो रक्त शर्करा का स्तर नहीं बढ़ता है।

ये कुछ सामान्य मिथक हैं जो किसी भी व्यक्ति के सामने आते हैं, खासकर जब किसी व्यक्ति के मधुमेह का निदान किया जाता है। हमें यह समझने का प्रयास करना है कि स्वस्थ रहने के लिए अनाज, दालें, फल, सब्जियां, वसा और मांस सहित खाद्य पदार्थों का संतुलन आवश्यक है। इन खाद्य स्रोतों से प्राप्त पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए कि भोजन का भाग नियंत्रण, खाना पकाने की विधि और सेवन की आवृत्ति का संयोजन आपको स्वस्थ रहने में मदद करता है।

Post a Comment

Comments should be on the topic and should not be abusive. The editorial team reserves the right to review and moderate the comments posted on the site.



Medindia Newsletters

Subscribe to our Free Newsletters!

Terms & Conditions and Privacy Policy.