अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न


1. अग्नाशयी मधुमेह या टाइप 3सी मधुमेह से बचने के लिए मुझे किस विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए?
आपके सामान्य चिकित्सक या पारिवारिक चिकित्सक को यदि यह संदेह है कि आपके मधुमेह होने का कारण अग्नाशयी हो सकता है, तो वह आपको आगे के मूल्यांकन के लिए मधुमेह विशेषज्ञ के पास भेजेंगे।

2. पूर्व मधुमेह (प्रीडायबिटीज) का क्या मतलब है?
प्रीडायबिटीज को बिगड़ा हुआ ग्लूकोज सहिष्णुता (टॉलरेंस) भी कहा जाता है। रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक है, लेकिन इतना अधिक नहीं है कि मधुमेह का निदान कर सके। रोगी आमतौर पर लक्षणहीन होते हैं और नियमित रक्त परीक्षण के दौरान मधुमेह की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।

3. टाइप 3सी मधुमेह का अक्सर गलत निदान क्यों किया जाता है?
अध्ययनों से पता चलता है कि दुर्भाग्य से टाइप 3सी मधुमेह वाले, 3 प्रतिशत रोगियों को ही केवल सही निदान मिलता है। मधुमेह वाले व्यक्तियों में, प्राथमिक विकार से ले कर एक्सोक्रीइन अग्न्याशय तक के रोग को विकसित होने में लगने वाला समय अक्सर काफी लंबा होता है, कुछ मामलों में तो यह 10 साल तक का होता हैं। यह एक मुख्य कारण हो सकता है कि जिस से अग्नाशय की बीमारी से कड़ी छूट जाती है और अक्सर गलत निदान किया जाता है।

4. टाइप 3सी मधुमेह का सही निदान करना क्यों महत्वपूर्ण है?
अधिकांश टाइप 3सी मधुमेह रोगियों को लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की आवश्यकता होती है। टाइप 2 मधुमेह के रोगियों में अक्सर उपयोग किए जाने वाले ग्लिसलाजाइड जैसे मौखिक औषधी टाइप 3 सी मधुमेह के लक्षणों को नियंत्रित करने में अप्रभावी होती हैं और व्यक्ति को उच्च रक्त शर्करा के स्तर से जान को खतरा हो जाता हैं। इसके अलावा यदि टाइप 3 सी मधुमेह के रोगियों को अग्नाशयी एंजाइम की खुराक दी जाये तो इससे उन्हें फायदा होगा और उनके लक्षणों में कुछ सुधार होगा।

5. टाइप 3सी मधुमेह के रोगियों में हाइपोग्लाइसीमिया आम क्यों है?
इस स्थिति में अग्नाशय ए-कोशिकाओं से ग्लूकागन का स्राव भी कम हो जाता है, जिससे कुछ व्यक्तियों में गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया की बार-बार धटनायें होती हैं। इस घटना को पहचानने में विफलता के परिणामस्वरूप अप्रभावी और दूसरे दर्जे का उपचार हो सकता है।

6. टाइप 2 मधुमेह में उपयोग किए जाने वाले मौखिक एंटीहाइपरग्लाइसेमिक एजेंट टाइप 3 सी मधुमेह में हानिकारक क्यों हैं?
नए इनक्रेटिन-आधारित मौखिक घटक, जैसे कि ग्लूकागन-जैसे पेप्टाइड 1 रिसेप्टर एगोनिस्ट ("इनक्रिटिन") और डाइपेप्टिडाइल पेप्टिडेज़ 4 अवरोधक ("ग्लिप्टिन"), को टाइप 3सी रोगियों में अग्नाशयी क्षति के कारण, इन्हें न लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे रोगियों को टाइप 2 मधुमेह रोगी मान कर मौखिक एंटीहाइपरग्लाइसेमिक दवाईयाँ दी जाती हैं और जब उनमें सही प्रतिक्रिया नहीं दिखाई देती हैं, तो उन्हें खराब अनुपालन मे वर्गीकृत कर दिया जाता हैं , जो कि सरासर गलत हैं।

7. डिस्टल अग्न्याशय क्या है?
अग्न्याशय एक हाथ के नाप का अंग है जो उदर की गुहा, आंतों और अन्य अंगों के आसपास के क्षेत्र में स्थित होता हैं। यह पेट के पीछे और रीढ़ के सामने स्थित होता है। जब किसी कारणवश अग्न्याशय का सिर बंद हो जाता हैं तो अग्न्याशय के शरीर और पूंछ को काट कर दूसरी जगह लगाने को डिस्टल पैनक्रिएक्टोमी कहते है।

8. डिस्टल पैनक्रिएक्टोमी से ठीक होने में कितना समय लगता है?
डिस्टल पैन्क्रिएटेक्टोमी के बाद ज्यादातर मरीज अस्पताल में तीन से पांच दिन बिताते हैं। सावधानीपूर्वक निगरानी के लिये सर्जरी के तुरंत बाद, मरीज को पोस्ट एनेस्थीसिया केयर यूनिट (पीएसीयू) में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
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