इलैक्ट्रिक शॉक(बिजली का झटका)

अवलोकन
  • विद्युत प्रवाह के शरीर में से गुजरने की वजह से क्षति या चोट लग जाती हैं,
  • स्रोत प्राकृतिक या मानव निर्मित हो सकते हैं ।
बिजली के झटके के दौरान क्या होता है?
  • नीचे गिर जाना,
  • मांसपेशी में संकुचन,
  • दौरा पड़ना,
  • निर्जलीकरण,
  • जलना या झुलसना,
  • हड्ड़ी टूटना,
  • रक्त के थक्के जमना,
  • मांस-तंतु या ऊतकों का ख़तम होना,
  • श्वास न आना, दिल या गुर्दे की विफलता ।

इनका क्रमशः अनुसरण करियें-
  • पीड़ित व्यक्ति को धटनास्थल से हटाने का प्रयास न करें,
  • पहला काम यह करें कि बिजली के स्रोत को बंद कर देवें,
  • या एक लकड़ी की छड़ी का उपयोग करके बिजली के स्रोत को बंद कर देवें ।
पीड़ित व्यक्ति की देख भाल कैसे करें ?
  • सांस चल रही हैं या नहीं इसकी जाँच करें,
  • यदि सांस नहीं चल रही हैं तो पुनर्जीवन चिकित्सा (कार्डियो पल्मनरी रिसैसिटेशन) या सी.पी.आर करें,
  • आपातकालीन चिकित्सा सहायता को बुलायें,
  • यदि सांस चल रही हैं तो शारीरिक परीक्षण करें,
  • हल्के जले हुये का इलाज करें,
  • जीवन-मरण से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों को पुनः स्थापित करें,
  • अत्यधिक जलने पर अस्पताल में भर्ती करने या शल्य चिकित्सा की भी आवश्यकता हो सकती हैं,
  • देखभाल के साथ सहयोग और संबल भी देवें।
निवारण
  • उचित रूपरेखा बना कर संस्थापना करें,
  • बिजली के उपकरणों के बारे में जनता को शिक्षित करें,
  • बिजली के उपकरणों को बच्चों की पहुंच से बाहर रखें,
  • बिजली और बिजली के उपकरणों का सम्मान करना सीखें।
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