कॉर्निया घर्षण

अवलोकन

  श्वेत पटल या कॉर्निया आंख की बाहरी परत हैं,
  • इस परत के फटने से कॉर्निया घर्षण होता हैं,
  • आंखों के लिए यह सबसे आम चोट हैं,
  • कॉर्निया में अनेक तंत्रिकाओं का संयोग होता हैं, इसलिए दर्द अधिक होता हैं।   

क्‍या आप अपने स्वास्थ को ले कर चिंतित हैं और इस विषय में डॉक्टर से परामर्श करना चाहते हैं ?

 कारण
  • उंगली के नाखून से,
  • किसी भी तरह की तेज उड़ने वाली वस्तु जैसे कि पेंसिल, कांच इत्यादि से,
  • छोटे कण जैसे कि रेत,
  • संस्पर्श लैंस या कॉन्टेक्ट लैंस से।
लक्षण
  • दर्द
  • आंखों में लाली
  • धुंधली दृष्टि
  • आंख में तकलीफ
  • आँखें खोलने में कठिनाई
  • सरदर्द
  • आँसू बहना ।
इलाज
  • संक्रमण को रोकने के लिए एंटीबायोटिक इस्तेमाल करना चाहिये,
  • संवेदनाहारी (ऐनेस्थेटिक) औषधी का उपयोग करने के बाद ही परीक्षण करना चाहिये,
  • संवेदनाहारी औषधी का असर उतरने के बाद दर्द फिर से बढ़ जाता हैं,
  • संवेदनाहारी औषधी का बार-बार उपयोग हानिकारक हैं,
  • नेत्र के लिए मलहम और दर्द कम करने की दवा का प्रयोग किया जाता हैं,
  • पैबन्द से आँखों को ढँक कर रखना चाहिये,
  • रात में नेत्र में दवाई या लुब्रीकेंट ड़ालने से संक्रमण के बार-बार आने में कमी होती हैं ।
ऐसा न करें
  • चिकित्सा चरण के दौरान आंखों को नहीं रगड़ें,
  • इस से नई बनने वाली कोशिकाये नष्ट हो सकती हैं,
  • जिस से फिर से इलाज करना आवश्यक हो सकता हैं,
  • जब तक खरोंच ठीक न हो जाये आंखों में लेंस ना पहने ।
रोग का निदान
  • श्वेत पटल या कॉर्निया पर लगी छोटी खरोंच जल्दी से ठीक हो जाती हैं,
  • धुंधलापन कुछ हफ्तों तक के लिए हो सकता हैं,
  • दृष्टि का स्थायी लोप गिने-चुने लोगों में ही होता हैं ।
निवारण

संस्पर्श लैंस या कॉन्टेक्ट लैंस का उपयोग करते समय -
  • हमेशा निर्देशों का पालन करें,
  • बहुत देर तक कॉन्टेक्ट लैंस न पहनें,
  • जलन या सूखापन होता हैं,तो लेंस निकालें,
  • आँखों को जोर से रगड़ें नहीं,
  • आँखों को छूने से पहले हाथ धोयें,
  • अपने नाखूनों को नियमित रूप से काटे,
  • चमकी वाले सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करते समय सावधानी बरतें,
  • खेलते समय सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग करें ।