मधुमेह को नियंत्रित करने वाले व्यायाम कार्यक्रम में क्या करें और क्या नहीं करें

व्‍यायाम के कार्यक्रम केवल चिकित्सक की अनुमति प्राप्‍त करने के बाद ही शुरू किये जाने चाहिए। शारीरिक गतिविधि शुरू करने से पहले छानबीन (स्क्रीनिंग) और मूल्यांकन व्यायाम में शामिल कर जोखिमों को काफी कम किया जा सकता हैं।

उम्र, मधुमेह की जटिलताओं की उपस्थिति और अनुपस्थिति और शारीरिक विकलांगता के अनुसार उपयुक्‍त गतिविधि का तरीक़ा या पैटर्न निर्दिष्‍ट किया जाता हैं। एक व्‍यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप व्‍यायाम करना चाहिए बजाय दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा की कोशिश करने के। निम्न जटिलताए रहने पर मधुमेह के रोगियों को शारीरिक व्यायाम करने से बचना चाहिए:
  • यदि आंखों की समस्याएं (रेटिनोपैथी) हैं – जब तक रेटिनोपैथी ठीक नहीं हो जाती व्यायाम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए
  • यदि पैर में तंत्रिका क्षति (न्यूरोपैथी) हैं - चलने, जॉगिंग करने, या साइकिल चलाने से बचें। केवल निर्दिष्‍ट किये गये जूते पहनने की सलाह दी जाती हैं
  • यदि उन नसों में नुकसान पहुंचा हैं जो आंतरिक शरीर की आंतरिक गतिविधियों (ऑटोनोमिक न्यूरोपैथी) को संचालित करती हैं - शारीरिक गतिविधि से बचा जाना चाहिए क्योंकि उसके कारण निर्जलीकरण या निम्न रक्तचाप विकसित होने का जोखिम हो सकता हैं
  • यदि रक्तचाप (उच्च रक्तचाप) उच्च हैं – तब प्रतिरोधी व्‍यायाम करने से बचें ।
कुछ अवांछनीय प्रभाव जो शारीरिक गतिविधि से संबंधित हो सकते हैं
  • मूत्र में प्रोटीन की मात्रा में वृद्धि होना
  • व्यायाम के दौरान रक्तचाप में वृद्धि या कमी होना
  • रक्त शर्करा के स्तर में उतार चढाव
  • अनियंत्रित मधुमेह रोगियों में केटोन्स की वृद्धि होना।