सिर पर चोट लगना

अवलोकन
  • सिर पर चोट लगने से मस्तिष्क या कपाल प्रभावित होता हैं,
  • • चोट हल्की या बहुत ज्यादा गंभीर हो सकती हैं,
  • सिर पर चोट,सीमित या अति तीक्ष्ण हो सकती हैं,
  • ‘सीमित’- जब सिर किसी कठोर वस्तु से टकराता हैं,
  • इन चोटों के परिणाम मस्तिष्काघात तक हो सकता हैं,
  • ‘अति तीक्ष्ण’- कोई वस्तु कपाल बेधकर मस्तिष्क में घुस जाती हैं ।
कारण
  • सड़क यातायात दुर्घटनाएं
  • घर या कार्यस्थल पर दुर्घटनाएं
  • हमला
  • गिरना
  • खेल ।
लक्षण
  • बेहोश हो जाना - छोटी या लंबी अवधि के लिए
  • रक्तस्राव
  • उल्टी
  • नाक से तरल पदार्थ का बहना
  • बहरापन, दृष्टि खोना, अरूचि/स्वाद, गंध की क्षति
  • भाषण से संबंधित समस्याएं
  • दिल की अनियमित धड़कन
  • दौरे पड़ना
  • पक्षाघात
  • कोमा
  • व्यक्तित्व में बदलाव
  • मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित समस्याएं ।
उपचार

हल्की चोटों के लिए -
  • सूजन को कम करने के लिये चोट वाले स्थान पर बर्फ लगाएं
  • उभार का आकार चोट की गंभीरता से संबंधित नहीं हैं
  • रक्तस्राव के संकेत के लिये रोगी का निरीक्षण करें
  • हल्की से गंभीर चोट के लिये - रोगी के स्वास प्रणाली की जांच करें
  • यदि आवश्यकता हैं तब हृदय फुप्फुसीय चिकित्सा (कार्डियो पल्मनरी रिसैसिटेशन या सी.पी.आर.) प्रदान करें
  • खून बहने के मामले में,प्रभावित अंग को कसकर साफ कपड़े से बांध दें
  • यदि कपड़ा भीग जाता हैं,तब उस कपड़े के ऊपर एक नया साफ कपड़ा बांध दें
  • घाव से किसी प्रकार का टुकड़ा या मलबा मत निकालें
  • यदि व्यक्ति उल्टी कर रहा हैं तब उसे करवट देवें और उसक सिर झुका दें
  • रीढ़ की हड्डी की चोट को कम करने के लिए - सिर,गर्दन और शरीर को एक पंक्ति की सीध में स्थित करें
  • रोगी को हिलायें मत
  • यदि बेहोश हैं,तब उसका रीढ़ की हड्डी में चोट जैसा व्यवहार करें
  • सिर को रीढ़ की हड्डी के सीध में रखें
  • तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें ।
चिकित्सक से परामर्श

जब निम्न घटित होता हैं, तब तुरन्त चिकित्सा मदद प्राप्त करें -
  • रक्तस्त्राव
  • नाक, मुंह, कान से तरल पदार्थ बहना
  • उल्टी
  • बेहोशी
  • भ्रम,बेचैनी या चिड़चिड़ापन
  • विच्छलित बात करना या ऐंठन
  • धुंधली दृष्टि
  • साँस लेने में कठिनाई
  • कम रक्तचाप या भीषण सिरदर्द
  • अस्थिभंग या गर्दन में अकड़न
  • संवेदी क्षमताओं का नुकसान
  • शरीर के एक या एक से अधिक अंगों को हिलाने में असमर्थता ।
बचने के लिए उठाए जाने वाले कदम
  • जिस व्यक्ति को सिर पर चोट लगी हैं,उसे हिलाये-डुलाये नहीं
  • घाव धोने या मलबा हटाने से बचें
  • सिर पर चोट के मामले में हेलमेट मत उतारें
  • सिर पर चोट लग जाने के तुरन्त बाद शराब का सेवन मत करें
  • सिर पर चोट लगने के बाद नीचे गिरे बच्चे को ना उठाएं ।
निवारण
  • शराब पीकर वाहन मत चलाएं
  • ड्राइविंग,खेलने या अन्य गतिविधियां करते समय सुरक्षित नियमों का पालन करें
  • हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करें
  • बच्चों की गतिविधियों की निगरानी करें।
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