पंचर (छिद्रित) घाव

अवलोकन
  • पंचर (छिद्रित) घाव, पैनी वस्तुओं से लगी चोट के कारण होते हैं,
  • ये घाव ऊतकों में गहराई तक गंदगी और कीटाणुओं को ले जाते हैं,
  • इसके कारण संक्रमण का खतरा बढ़ जाता हैं,
  • ज्यादातर घाव छोटे होते हैं और घर पर इनका उपचार किया जा सकता हैं,
  • कुछ पंचर घाव किसी बीमारी के उपचार के लिए स्वास्थ्य व्यावसायिकों द्वारा किये जाते हैं,
  • पंचर घाव के सीमित होने के बावजूद भी इनका उपचार किया जाना अत्यावश्यक हैं।
जोखिम के कारण
  • स्वास्थ्य व्यावसायिक,
  • नशेड़ी ।
कारण

पंचर (छिद्रित) घाव निम्न कारणों से हो जाते हैं –
  • नाखून,
  • सुई,
  • दांत,
  • बर्फ, बंदूक की गोली से,
  • पशु, विशेष रूप से पालतू जानवर ।
लक्षण
  • दर्द,
  • रक्तस्त्राव,
  • खरोंच/आघात,
  • सूजन ।
इलाज
  • घाव पर हल्का दबाव दें कर, रक्तस्राव को रोकें
  • घाव को साफ करें,
  • घाव में पड़े मलबे को सावधानी के साथ निकालने का प्रयास करें,
  • घाव को 20 मिनट तक गुनगुने पानी में भिगोएं,
  • ऐसा एक दिन में 2-3 बार करना चाहिए,
  • प्रभावित घाव को हल्की थपकी दे कर सुखायें,
  • रोगाणुनाशक/एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं,
  • पट्टी बांध देंवें,
  • यदि पट्टी बदलने की जरूरत है, तो ध्यान से उसे खोलें,
  • यदि पट्टी शरीर से चिपक गई है, उसे खोलने के लिए गुनगुने पानी का उपयोग करें,
  • घाव को हल्की थपकी दे कर सुखायेंऔर नई पट्टी बांध दें,
  • नियमित रूप से पट्टी/ड्रेसिंग बदलते रहें,
  • कोशिश करें कि घाव वाले प्रभावित अंग को अपने ह्रदय से ऊपर के स्तर पर 24 घंटों तक रखें, इससे शीघ्र स्वास्थ्य लाभ होगा,
  • 3-5 दिनों के लिए विश्राम करें,
  • संक्रमण की जांच करते रहें,
  • यदि आपने 5 साल से टिटनेस को टीका नहीं लगवाया, तब आप इसे लगवा लें
चिकित्सक से सलाह करें।
  • आदमी/जानवर के काटने के किसी मामले में
  • उच्च तापमान,
  • रक्तस्त्राव,
  • बिगड़ता दर्द,
  • सुन्न पड़ना,
  • सूजन,
  • लालिमा,
  • मवाद,
  • दुर्गंध ।
निवारण
  • स्वास्थ्य व्यावसायिकों को आवश्यकतानुसार दस्ताने पहनना चाहिए,
  • सुइयां या अन्य तेज धार वाली वस्तुओं का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें,
  • पालतू जानवर को संभालते समय सावधानी बरतें।
Post a Comment

Comments should be on the topic and should not be abusive. The editorial team reserves the right to review and moderate the comments posted on the site.



Medindia Newsletters

Subscribe to our Free Newsletters!

Terms & Conditions and Privacy Policy.