Average
3.3
Rating : 12345
Rate This : 1 2 3 4 5

फाइलेरिया किन कारणों से होता हैं?

फाइलेरिया आठ अलग-अलग सूत्रकृमि या गोल कीड़ों के कारण होता हैं। फाइलेरिया के अधिकांश मामले वुकेरिआ बैंक्रॉफ्टी के रूप में जाने जाने वाले परजीवी के कारण होते हैं।

फाइलेरिया आठ अलग-अलग सूत्रकृमि या गोल कीड़ों के कारण होता हैं -
  • लिम्फेटिक फाइलेरिया (एलीफांटिसिस) वुकेरिआ बैंक्रॉफ्टी, बरुगिया मलायी और आन्‍चोसेरका वोल्‍वूलस के कारण होता हैं।
  • त्वचा के नीचे गुहा में फाइलेरिया, मेन्सोनेल्ला पर्सटन्स और मेन्सोनेल्ला ओज्जार्डी कीड़ों के कारण होता हैं।
फाइलेरिया के अधिकांश मामले वुकेरीरिया बैंक्रॉफ्टी द्वारा होते हैं, कूलेक्स, एडीज़ या एनोफेल्स मच्छर इस बीमारी को फैलाते हैं। एक अन्य परजीवी बुर्गिया मलायी जो फाइलेरिया का कारण हैं वह वेक्टर मैनसोनिया और एनोफेल्स मच्छरों द्वारा फैलता हैं।


जब एक संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता हैं, तब उसका लार्वा लसीका (लिंफैटिक्स) और लसीका ग्रंथि (लिम्फ नोड्स) में प्रवेश कर जाता हैं। यहां, वह व्यस्क कीड़े के रूप में विकसित हो जाते हैं और कई वर्षों तक उसमें जीवित अवस्था में अस्तित्व में रहते हैं।

तत्पश्चात व्यस्क परजीवी और भी सूक्ष्म फाइलेरिया उत्पन्न करते हैं। ये सूक्ष्म फाइलेरिया रात में आमतौर पर परिधीय रक्त में परिक्रमा करते हैं और काटने के दौरान मच्छरों द्वारा चूसे जाते हैं। यही चक्र किसी दूसरे स्वस्थ व्यक्ति में भी दोहराया जाता हैं।

Medindia Newsletters

Subscribe to our Free Newsletters!

Terms & Conditions and Privacy Policy.

Advertisement