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हाथीपांव (फाइलेरिया)

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लिम्फेटिक फाइलेरिया (हाथीपांव/एलिफांटिसीस) के लक्षण

हाथीपांव के प्रमुख लक्षण त्वचा और उसके भीतर निहित ऊतकों का मोटा हो जाने के साथ सूजन/एडीमा हैं। यह आम तौर पर निचले हिस्सों को प्रभावित करता हैं। हालांकि हाथ, योनि, स्तन और अंडकोष (जिसके कारण उसमें लसीले तरल प्रदार्थ एकत्रित हो जाते हैं) भी इसके कारण प्रभावित हो सकते हैं।

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हाथीपांव की अवस्था में एडीमा, स्तन या जननांग क्षेत्र में अपने सामान्य आकार से कहीं अधिक बढ़ जाता हैं और इसके कारण लसीका प्रणाली की रक्त वाहिकाओं में भी अवरोध उत्पन्न हो सकता हैं।

त्वचा के नीचे फाइलेरिया के लक्षण-

त्वचा के नीचे फाइलेरिया के लक्षणों में निम्न शामिल हैंः
  • त्वचा पर चकत्ते पड़ जाना
  • हाइपर या हाइपो पिगमेंट उपरंजकता (मैक्यूलस)
  • नदी का अंधापन (ऑन्कोसेर्का वोल्वूलस के कारण)

सीरस फाइलेरिया के लक्षण-

लसी (सीरस) फाइलेरिया के लक्षणों में निम्न शामिल हैंः
  • पेट में दर्द
  • त्वचा के चकत्ते
  • गठिया
  • हाइपर या हाइपो पिगमेंट मैक्यूलस

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