Coronavirus

भारतीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम

भारत का कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम शनिवार 16 जनवरी2021 को शुरू किया गया था। 21 जनवरी 2021 तक, भारत ने दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के पहले चरण में 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 10 लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया। उसी दिन, 15,223 नए संक्रमण के साथ संक्रमितों की संख्या 106 लाख थी और स्वस्थ होनेवालो की संख्या 102 लाख थी । यह समग्र राष्ट्रीय कोविड-19 से स्वस्थ होनेवालो की दर 96.75 प्रतिशत के बराबर है। इसी समय, भारत में मृत्यु का आंकड़ा 152,869 था, जिसमें 151 दैनिक नई मौतें थीं। यह इंगित करता है कि समग्र राष्ट्रीय कोविड-19 मामले की मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है।

कौन से टीके भारत के कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम में उपयोग किए जा रहे हैं?

कार्यक्रम में जिन दो कोविड-19 टीकों का उपयोग किया जा रहा है, वे हैं भारत बायोटेक के स्वदेशी रूप से विकसित कोवैक्सिन और ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशिल्ड, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे द्वारा भारत में निर्मित हैं। घरेलू जरूरतों का ख्याल रखने के साथ-साथ, भारत ने इन टीकों की 10 लाख से अधिक खुराक नेपाल को, 20 लाख बांग्लादेश को, 1,50,000 भूटान को, और 1,00,000 मालदीव को अपनी "पड़ोसी प्रथम" पॉलिसी के आधार पर वितरित की है। इन दोनों टीकों की बुनियादी विशेषताओं को तालिका 1 में प्रस्तुत किया गया है।

तालिका 1: कोविशिल्ड और कोवैक्सिन के अभिलक्षण

वैक्सीन के लक्षण

कोविशिल्ड

कोवैक्सिन

विकसित करनेवाला

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे

निर्माता

एस्ट्राजेनेका / सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया

भारत बायोटेक

प्रकार

गैर-प्रतिकृति वायरल वेक्टर

निष्क्रिय (मारे गए)

खुराक

2 (0, 28 दिन)

2 (0, 14 दिन)

तरीका

मांसपेशीय (IM)

मांसपेशीय इंट्रामस्क्युलर (IM)

नैदानिक परीक्षण स्थिति

चरण 3 (पूर्ण)

चरण 3 (चल रहा है)

प्रभावकारिता

70.4%

अभी तक उपलब्ध नहीं है

भंडारण तापमान

2-8 ° C

2-8 ° C

भारत सरकार द्वारा खरीदी गई खुराक

101 लाख

505 लाख

प्रति खुराक लागत

रूपिया 200

रूपिया 206

टीकाकरण के दुष्प्रभाव

टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं के कुछ मामले सामने आये। 16-18 जनवरी 2021 तक प्रतिकूल प्रतिक्रिया के 580 मामले सामने आए ,इनमें से 7 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और टीकाकरण के बाद दो मौतें हुई हैं, लेकिन ये दोनों टीकों से जुड़ी नहीं थीं।

भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन के कुछ दुष्प्रभाव बताए गए हैं जिनमें शरीर में दर्द, सिरदर्द, बुखार, अस्वस्थता, कमजोरी, चकत्ते, मतली, उल्टी, इन प्रतिकूल प्रभाव के साथ ऊपरी बाँह में अकड़न और इंजेक्शन वाली बांह में कमजोरी भी शामिल हैं ।

इन दुष्प्रभावों के अलावा, भारत बायोटेक ने यह भी संकेत दिया है कि कोविक्सिन टीकाकरण के बाद एनाफिलेक्सिस जैसे गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया होने का एक दूरस्थ अवसर हो सकता है।

किन व्यक्तियों को कोवैक्सिन नहीं लेना चाहिए, इस संदर्भ में, 19 जनवरी 2021 को, भारत बायोटेक ने एक फैक्टशीट प्रकाशित कर लोंगो को जानकारी दी। कोविशिल्ड और कोवैक्सिन के विभिन्न दुष्प्रभावों को तालिका 2 में प्रस्तुत किया गया है।

तालिका 2: कोविशिल्ड और कोवैक्सिन के दुष्प्रभाव

कोविशिल्ड

कोवैक्सिन

इंजेक्शन स्थल पर कोमलता, दर्द, गर्मी, लालिमा, खुजली, सूजन या उभार

इंजेक्शन के स्थान पर दर्द

थकान महसूस करना

इंजेक्शन के स्थान पर सूजन

ठंड लगना और बुखार महसूस करना

इंजेक्शन के स्थान पर लालिमा

सिरदर्द

इंजेक्शन के स्थान पर खुजली

बीमार महसूस करना (मतली)

ऊपरी बांह में अकड़न

बीमार होना (उल्टी होना)

इंजेक्शन वाली बांह में कमजोरी

जोड़ों का दर्द या मांसपेशियों में दर्द

शरीर में दर्द

इंजेक्शन स्थल पर एक गांठ

सिरदर्द

बुखार

बुखार

फ्लू जैसे लक्षण - उच्च तापमान, गले में खराश, नाक बहना, खांसी और ठंड लगना

अस्वस्थता

चक्कर आना, भूख में कमी, पेट में दर्द

कमजोरी

बढ़ी हुई तरल पदार्थ की गांठें

चकत्ते

अत्यधिक पसीना, खुजली वाली त्वचा या चकत्ते

मतली / उल्टी

किन व्यक्तिों को कोविशिल्ड और कोवैक्सिन नहीं देनी चाहिये ?

चूंकि दोनों टीकों के दुष्प्रभावों के प्रकार और गंभीरता में भिन्नता है, इसलिये जिन व्यक्तियों को टीकें नहीं देने चाहिए, वे भी अलग-अलग हैं। यह सब विस्तारपूर्वक तालिका 3 में सूचीबद्ध किया गया है।

तालिका 3: कोविशिल्ड और कोवैक्सिन में अंतर्विरोध

कोविशिल्ड

कोवैक्सिन

वैक्सीन की पिछली खुराक के बाद गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया

एलर्जी का इतिहास

वैक्सीन के किसी भी पदार्थ से गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया

बुखार

रक्तस्राव विकार या रक्त पतले करने वाली दवा का सेवन

प्रतिरक्षा दमनित व्यक्ति या इम्यूनोसप्रेसेन्ट का सेवन

गर्भवती महिलाएं

स्तनपान कराने वाली महिलाएं

टीकाकरण के पूर्व एक अलग कोविड-19 वैक्सीन का टीका

वैक्सीन निर्माताओ या टीकाकरण की निगरानी करने वाले टीकाकरण अधिकारी द्वारा निर्धारित कोई अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या

नई कोविड-19 टीके जो जल्द ही उपलब्ध हो सकते हैं

चार और कोविड-19 टीके हैं जिनका वर्तमान में भारत में पूर्व-नैदानिक / नैदानिक परीक्षणों में मूल्यांकन किया जा रहा है। ये जल्द ही उपलब्ध हो सकते हैं, जो भारत के वैक्सीन संविभाग को दो से छह तक बढ़ा देगा, जिससे वैक्सीन के अधिक विकल्प उपलब्ध हों जायेगें। इन्हें तालिका 4 में संक्षिप्त रूप से रेखांकित किया गया है।

तालिका 4: नई कोविड-19 वैक्सीन जो कतार में या पाइपलाइन में हैं।

वैक्सीन के लक्षण

ज़ीकोव-डी/ ZyCoV-D

स्पुटनैक वी

एचजीसीओ19

बीइ सी ओवी2

विकसित करनेवाला / निर्माता

ज़ायडस कैडिला

गामालेया शोध संस्थान: महामारी विज्ञान और सूक्ष्म जीव विज्ञान, रूस /

डॉ. रेड्डी लैबोरेट्रीस

जेननोवा / एचडीटी बायोटेक कॉर्पोरेशन, सिएटल, यूएसए

महामारी संबंधी तैयारी नवाचारों (CEPI) के लिए

जैविक ई / गठबंधन

वैक्सीन का प्रकार

डीएनए

गैर-प्रतिकृति वायरल वेक्टर

एम आर एन ए

प्रोटीन सबयूनिट

खुराक

3 (0, 28, 56 दिन)

2 (0, 21 दिन)

उपलब्ध नहीं

2 (0, 28 दिन)

तरीका

आंतरचर्मीय / इंट्राडर्मल (आईडी)

मांसपेशीय / इंट्रामस्क्युलर (IM)

उपलब्ध नहीं

मांसपेशीय/ इंट्रामस्क्युलर (IM)

परीक्षण चरण

चरण 3

चरण 3

पूर्व-नैदानिक

चरण 1/2

कोविड-19 वैक्सिन: ध्यान में रखने वाले मुद्दे

  • प्रतिरक्षा की अवधि अविदित: यह अभी सुनिश्चित नहीं हो पाया है कि टीकाकरण से उत्पन्न सुरक्षात्मक एंटीबॉडी कब तक शरीर को वायरस से सुरक्षित रखेगी। इसलिए सुरक्षा की अवधि अभी मालुम नहीं है
  • संक्रमण का खतरा बना रहता है: टीकाकरण के बाद भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। जब तक टीकाकरण से विकसित होने वाले एंटीबॉडी रक्तप्रवाह में प्रवेश नहीं करती तब तक वह वायरस के खिलाफ रक्षा नहीं कर सकती
  • . सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपाय अभी भी आवश्यक हैं: टीकाकरण होने के बाद भी नए संक्रमणों को फैलने से रोकने के लिए, मास्क पहनना, हाथो को धोना, शारीरिक दूरी बनाए रखना और श्वसन शिष्टाचार का ध्यान रखना आवश्यक है।
  • टीके नए वायरस की विकृति के खिलाफ अप्रभावी हो सकते हैं: यह अभी ज्ञात नहीं है कि वर्तमान कोविड-19 के टीके, सारस-कोव-2 की नई विकृतियाँ, जैसे कि ब्रिटेन के ‘बी.1.1.7’ और दक्षिण अफ्रीका के ‘एन501वाय’ उपभेदों के खिलाफ उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम होंगे या नहीं।
  • हालांकि भारतीय कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम की शानदार शुरुआत हुई है, फिर भी आगे अनेक चुनौतियां हैं, क्योंकि यह पहला वयस्क टीकाकरण कार्यक्रम है , जिसमें स्वाभाविक रूप से कई अंतरनिहीत समस्याएं हैं । साथ ही टीकाकरण के कई दुष्प्रभाव भी सामने आने लगे हैं, जिससे लोगों को टीका सुरक्षा के बारे में समझाना बहुत मुश्किल हो रहा है। लेकिन जैसै-जैसे लोग टीका लगवायेगें वैसै-वैसे डेटा उपलब्ध होगें और टीकाकरण व्यक्ति की बिमारियों का ध्यान रख कर दिया जायेगा। नए टीके बेहतर गुणवत्ता के साथ बनाये जा रहे जो बहुत जल्द उपलब्ध हो सकेगें।

Post a Comment

Comments should be on the topic and should not be abusive. The editorial team reserves the right to review and moderate the comments posted on the site.



Medindia Newsletters

Subscribe to our Free Newsletters!

Terms & Conditions and Privacy Policy.