यह परिवारिक समय हैं या कोरोना का ?

मुख्य विशेषताएं:
  • कोविड़-19 के प्रकोप के कारण दुनिया भर में लाखों लोग घर पर फंसे हुए हैं
  • लंबे समय तक घर की चार दीवारों के भीतर सीमित रहने से आपकी संपूर्ण मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती हैं, जिससे अकेलापन और बोरियत हो सकती है
  • कोरोना के समय को एक जुट होकर परिवारिक समय बनाने का प्रयास करें
  • दिनचर्या, स्क्रीन समय और सामाजिक जुड़ाव की योजना बनाकर तनाव कम कर के लाभकरी और सार्थक पारिवारिक क्षणों को सुनिश्चित करें।
कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण स्कूल, कार्यालय और मनोरंजन स्थल बंद हो गये हैं, लंबे समय तक आपको घर की चार दीवारों के भीतर सीमित रहने से अकेलापन और बोरियत हो सकती हैं। समय बर्बाद करने के बजाय, हम इस कीमती समय का उपयोग करें और कोविड़-19 के प्रकोप के बीच अलगाव और ऊब से छुटकारा पाने के लिए अपने परिवार के साथ उत्कृष्ट समय बिताएं।

कोरोनावायरस के प्रसार के निदान के एक उपाय के रूप में कई स्कूल बंद हो गये हैं और कई माता-पिता भी घर से काम कर रहे हैं-इस स्थिति में परिवार विभिन्न प्रकार की गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं - साथ में बच्चों को व्यस्त रखने और सीखाने के लिए शैक्षणिक गतिविधी भी जोड़े ताकी जब बच्चें स्कूल लौटे तो तैयार रहे, यह बायलर यूनिवर्सिटी के परिवारिक विशेषज्ञों का कहना हैं।

"अगले कुछ हफ्तों में जीवन थोड़ा अलग दिखाई देगा" रॉबिंस कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन साइंसेज के, बच्चों और परिवार के अध्ययन विभाग के, पी.एच.डी सहायक प्रोफेसर करेन के. मेल्टन के अनुसार, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र द्वारा अनुशंसित सामाजिक अलगाव के कारण "अगले कुछ अगले कुछ हफ्तों के लिए, हम घर पर अपने प्रियजनों के साथ अतिरिक्त गुणवत्ता का समय बिताने जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप अधिक हंसी और आँसू हो सकते हैं।.”

"दिनचर्या की भावना हमें शांत रहने और आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं," उन्होने कहा, "जैसा कि हम सभी अपने चारों ओर होने वाले परिवर्तनों से समझौता कर लेते हैं, लेकिन जबकि बच्चे घर पर हो तो, आपको एक सुविचारित सुझाव की जरूरत हैं और वह हैं तीन बातें - : दिनचर्या, स्क्रीन समय और सामाजिक जुड़ाव।"

दिनचर्या

दिनचर्या बनाने में समय और प्रयास लग सकता हैं, लेकिन एक बार स्थापित होने के बाद, वे तनाव को कम करने में मदद करेंगी, मेल्टन ने कहा। "आप पूरे दिन की दिनचर्या बना सकते हैं या बस सुबह / दोपहर की चर्या बना सकते हैं, जब आपको अन्य काम करने की आवश्यकता होती है। परिवार को एक दिनचर्या प्रदान करके, आप उनकी बोरियत और चिंता को कम कर देंगे साथ ही आपसी परस्परता, प्रेम और सद्भावनाओं को बढ़ाते हैं। कुछ परिवार बच्चों को सुबह टीवी देखने और फिर अपने कार्यक्रम को करने की अनुमति दे सकते हैं। यदि वे अपनी सभी गतिविधियों को पूरा करते हैं, तो वे अतिरिक्त स्क्रीन समय कमा सकते हैं। "

दिनचर्या के सुझाव:
  • कला और / या संगीत
  • बाहरी खेल
  • नि:शुल्क नाटक
  • सीखने की गतिविधियाँ / शैक्षिक कार्यपत्रक
  • पढ़ना
  • रोजमर्रा के काम
  • स्क्रीन समय
  • बोर्ड गेम
    स्क्रीन समय
    "आपके बच्चों के पास सामान्य से अधिक स्क्रीन समय होने की संभावना होगी," मेल्टन ने कहा। “बड़े बच्चों के लिए, स्क्रीन का समय सीमित करें ताकि यह शारीरिक गतिविधि, नींद या अन्य स्वस्थ व्यवहारों को प्रतिस्थापित न करे। माता-पिता यह भी विचार कर सकते हैं कि सभी स्क्रीन समय समान नहीं हैं, स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर, गेमिंग डिवाइस और टीवी आदि को केवल उनके उपयोग के तरीकों के आधार पर ही नहीं, बल्की साथ ही उनकी विभिन्न श्रेणियों के आधार पर भी स्क्रीन समय को निर्धारित करें। " उनमें से:
    • शैक्षणिक शो देखना बनाम मनोरंजक शो देखना
    • शैक्षणिक खेल खेलना बनाम मनोरंजन खेल खेलना
    • रचनात्मक सोशल मीडिया बनाम विनाशकारी सोशल मीडिया का उपयोग

    सामाजिक जुड़ाव
    ऐप्स और अन्य तकनीक घर के बाहर रहने वालों के साथ जुड़े रहने के तरीके प्रदान करती हैं। लेकिन सप्ताह का प्रत्येक दिन घर पर, परिवार के साथ सार्थक क्षणों के अवसर प्रदान करता हैं। बेयलर में बच्चे और परिवार के अध्ययन के नैदानिक सहयोगी प्रोफेसर, जो मेल्टन के साथ इंटेन्शनल फैमिली प्रोजेक्ट के सह-निर्देशक निकोल मैकएनिच, पी.एच.डी.की कुछ अवधारणायें:
    • बोर्ड गेम्स फिर से शुरु करे
    • अपने बच्चों को पारिवारिक पाक विधि सिखाएं
    • परिवारिक नृत्य पार्टी करें
    • परिवार के लोग वीडियो गेम मिल कर खेलें
    • रात में सभी साथ में सिनेमा देखें
    हैं। "अगले कुछ हफ्तों में जीवन थोड़ा सामान्य हो जाएगा,"
मेल्टन ने कहा, “याद रखें, हम सब इस में एक साथ हैं। हम सभी को त्याग करने और अधिक लचीले होने की आवश्यकता होगी। यदि हम अपनी दिनचर्या, स्क्रीन समय और सामाजिक जुड़ाव के साथ थोड़ा समय बिताते हैं, कुछ अरसे के बाद जब हम इस समय को मुड़ कर देखेगें तो हम उन सार्थक क्षणों को देखेगे, जो कठिन समय में परिवार के साथ बिताये थे। ”

संदर्भ:
  1. कोरोनावायरस महामारी के दौरान पारिवारिक गुणवत्ता का समय - (https://www.baylor.edu/mediaunication/news.php/action=story&story = 218,009)


स्रोत-न्यूज़वाइज़
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