पैरों की देखभाल और मधुमेह

मधुमेहीयों के लिए पैरों की उचित देखभाल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि मधुमेहीयों में पैरो की समस्यायें बहुत आम हैं जैसे कि-

  • उनके पैरों में इन्द्रियज्ञान का न होना।
  • उनके पैरों के आकार में परिवर्तन ।
  • पैर के छाले या घाव जो ठीक नहीं होते ।

मधुमेही रोगीयों का क्या करना और क्या नहीं करना चाहिये?

ये सरल उपाय गंभीर समस्याओं को रोक सकते हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, निम्नलिखित सरल दैनिक उपाय मधुमेह से होने वाली गंभीर जटिलताओं को रोकने में मदद करेंगे -

1. अपने मधुमेह का ख्याल रखें-

स्वस्थ जीवनशैली का विकल्प चुनें -अपने रक्त शर्करा को सामान्य के करीब रखने के लिए अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम के साथ अपनी जीवनशैली को मधुमेह के अनुकूल बनाने वाली योजना पर काम करें।

२. अपने पैरों की नियमित जाँच करें-

आपको पैर की समस्या हो सकती है जिसके बारे में आप नहीं जानते होंगे। कटने, घाव, लाल धब्बे, सूजन, या संक्रमित पैर के नाखूनों के लिए अपने पैरों की जाँच करें। अपने पैरों की जांच करना आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन जाना चाहिए। अगर आपको अपने पैरों को देखने के लिए झुकने में परेशानी होती है, तो प्लास्टिक के शीशे का इस्तेमाल करें। आप परिवार के किसी सदस्य से आपकी मदद करने के लिए भी कह सकते हैं।
महत्वपूर्ण सावधानी: यदि आपके पैर में कोई कट, घाव, छाला या खरोंच एक दिन के बाद भी ठीक नहीं होता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बिना देर करे दिखायें।

3. अपने पैरों को हर दिन धोएं-

अपने पैरों को गुनगुने पानी से नहीं बल्कि गर्म पानी में धोएं। अपने पैरों को पानी में न भिगोएं क्योंकि आपकी त्वचा रूखी हो जाएगी। नहाने या स्नान करने से पहले, यह सुनिश्चित करे कि यह बहुत गर्म तो नहीं है। आपको थर्मामीटर या अपनी कोहनी का उपयोग करना चाहिए। अपने पैरों को अच्छी तरह सुखा लें, खास कर अपने पैर की उंगलियों के बीच की त्वचा को शुष्क रखने के लिए टैल्कम पाउडर का प्रयोग करें।

4. त्वचा को मुलायम और चिकना रखें-

पैरों के ऊपर और नीचे त्वचा पर लोशन या क्रीम लगायें। अपने पैर की उंगलियों के बीच लोशन न लगाएं, क्योंकि इससे संक्रमण हो सकता है।

5. हर समय जूते और जुराबें पहनें- नंगे पैर न चलें, घर के अंदर भी नहीं। किसी चीज पर कदम रखना और अपने पैरों को चोट पहुंचाना बेहद आसान है। फफोले और घावों के विकास की संभावना से बचने में के लिए हमेशा अपने जूते के साथ बिना जोड़ के मोज़े स्टॉकिंग और नाइलॉन पहनें, जिससे अल्सर और फोड़े ना होवे। यह सुनिश्चित करें कि मोज़े ऐसी सामग्री से बने हों जो नमी को सोख कर आपके पैरों को सूखा रखते हो और झटके को भी अवशोषित करते हो। जूतों को पहनने से पहले हमेशा अंदर से जांच लें कि अस्तर चिकना है और जूते में कोई विदेशी वस्तु नहीं है, जैसे कि कंकड़। ऐसे जूते पहनें जो अच्छी तरह फिट हों और आपके पैरों की पूरी सुरक्षा करते हो।

6. अपने पैरों को गर्म और ठंड से बचाएं-

हमेशा समुद्र तट पर या गर्म फुटपाथ पर जूते पहनें। धूप से बचाव के लिए अपने पैरों के ऊपरी हिस्से पर सनस्क्रीन लगाएं। अपने पैरों को रेडिएटर या खुली आग से दूर रखें। अपने पैरों पर गर्म पानी की बोतल या हीटिंग पैड का प्रयोग न करें। अगर आपके पैर ठंडे हैं, तो रात के समय बिना जोड़ के मोज़े पहनें। सर्दियों में पैरों को गर्म रखने के लिए लाइन वाले जूते अच्छे होते हैं। मोजे सावधानी से चुनें। सिलाई वाले या ऊबड़-खाबड़ क्षेत्रों वाले मोज़े न पहनें। अपने पैरों की सुरक्षा और चलने को अधिक आरामदायक बनाने के लिए गद्देदार मोज़े चुनें। ठंड के मौसम में, अपने पैरों को गर्म रखने के लिए अक्सर अपने पैरों की जांच करें, शीतदंश से बचें।

7. अपने पैरों में रक्त-संचारण करते रहें-

जब आप बैठे हों तो अपने पैरों को ऊपर रखें। अपने पैर की उंगलियों को दिन में पाँच मिनट 2 या 3 बार घुमाएं। अपने पैरों में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए अपने टखनों को ऊपर और नीचे और अंदर और बाहर ले जाएँ।

  • लंबे समय तक अपने पैरों को आड़ा तिरछा(क्रॉस) कर के ना बैठें।
  • तंग मोजे ना पहनें इलास्टिक, रबर बैंड या अपने पैरों के चारों ओर गार्टर न पहनें।
  • प्रतिबंधात्मक जूते न पहनें। पैरों से संबंधित ऐसी इलास्टिक वस्तुयें ना पहनें, जो पैरों में परिसंचरण को रोक सकती हैं।
  • धूम्रपान न करें। धूम्रपान आपके पैरों में रक्त के प्रवाह को कम करता है। यदि आपको उच्च रक्तचाप या उच्च कोलेस्ट्रॉल है, तो इसे कम करने के लिए अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम के साथ काम करें।

8. अधिक सक्रिय रहें-

अपने चिकित्सक को सलाह कर के एक व्यायाम कार्यक्रम की योजना बनाने के लिए कहें, जो आपके लिए सही हो। चलना, नाचना, तैरना और साइकिल चलाना व्यायाम के अच्छे रूप हैं जो आसान होते हैं। उन सभी गतिविधियों से बचें जो पैरों पर जोर डालती हो, जैसे दौड़ना और कूदना। हमेशा एक छोटा वार्म-अप या कूल-डाउन अवधि शामिल करें। सुरक्षात्मक या एथलेटिक जूते पहनें जो अच्छी तरह फिट हों और अच्छा सहारा दें।

9. अपने डॉक्टर से बात करें-

अपने डॉक्टर से साल में कम से कम एक बार अपने पैरों की संवेदनशीलता और नाड़ी स्पन्दन की जांच करने के लिए कहें। अपने डॉक्टर से कहें कि अगर आपको पैर की गंभीर समस्या है तो आपको तुरंत बताएं। अपने डॉक्टर से उचित देखभाल सलाह और अपने स्थानीय पोडियाट्रिस्ट के नाम पूछें।

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