टाइप 2 मधुमेह के लक्षण और लक्षण

आम तौर पर टाइप 2 मधुमेह के कई वर्षों तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते है। हालांकि कुछ पूर्व-मधुमेह लक्षण हो सकते हैं जो टाइप 2 मधुमेह के लक्षणों के समान हो सकते हैं और इसमें निम्न शामिल हैं-

  • बढ़ती प्यास और भूख
  • बार-बार पेशाब आना
  • थकान
  • धुंधली दृष्टी,
  • दर्द, पैरो और हाथों में सुन्नापन या झुनझुनी आदि।

ये चेतावनी के चिन्ह जिन्हें हम अधिकांशतः पहचान ने में चूक जाते हैं। यदि इस स्तर पर मधुमेह को पहचान लें तो सुधारात्मक उपाय और इस रोग की जटिलताओं को स्थगित करने में मदद कर की जा सकती हैं।

जैसे-जैसे आप अधेड़ उम्र तक पहुंचते हैं और आपकी जीवनशैली अधिक तनावपूर्ण और गतिहीन हो जाती है, ये लक्षण अपना पहला प्रकटन करते हैं। हालांकि इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, क्योंकि इन्हें उम्र और तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है। ३०,००० मध्यम आयु वर्ग के लोगों के एक अध्ययन में यह पाया गया कि कमर के आसपास की चर्बी टाइप २ मधुमेह का एक प्रमुख कारण थी।

दुनिया में टाइप 2 मधुमेह के 50% से अधिक रोगी यह नहीं जानते कि वे मधुमेह रोगी हैं। यह मूक रोग दुर्भाग्य से हृदय रोग, स्ट्रोक, गुर्दे की विफलता, अंधापन और विच्छेदन का प्रमुख कारण है। दुनिया में हर सात सेकंड में एक मौत के लिए मधुमेह जिम्मेदार है और प्रति वर्ष 4.6 मिलियन से अधिक मौतों का कारण है।

टाइप 2 मधुमेह के लक्षण पूर्व-मधुमेह के लक्षणों के समान हैं।
मधुमेह वाले पुरुष अक्सर पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं क्योंकि उन्हें-

  • नपुंसकता या स्तंभन दोष (इरेक्शन) प्राप्त करने में असमर्थता हो सकती हैं।
  • बार-बार संक्रमण और लिंग की ऊपरी चमड़ी पर खुजली
  • चमड़ी को वापस आने में असमर्थता (फिमोसिस)।

पुरुष और महिला दोनों इन से पीड़ित हो सकते हैं-

  • मूत्राशय में संक्रमण - पेशाब करते समय जलन, ठंड लगने के साथ बुखार आना, बार-बार पेशाब आना
  • गुर्दे में संक्रमण - यह बहुत गंभीर हो सकता है और ठंड लग कर बुखार आ सकती है, पीठ के एक तरफ या ऊपरी हिस्से के दोनों तरफ दर्द, मतली और निम्न रक्तचाप
  • गर्दन, बगल, कोहनी, घुटनों और मुष्टिका के आसपास की त्वचा में कालापन ।
  • प्रारंभिक मोतियाबिंद: आंखों में दृष्टि की हानि टाइप 2 मधुमेह दुनिया में अंधेपन का एक प्रमुख कारण है।

  • व्यायाम न केवल आपके शरीर के वजन को कम करने और मधुमेह के खतरे को कम करने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है, बल्कि इंसुलिन नियंत्रण में सुधार करने और रक्त शर्करा को नियंत्रण में रखने का सबसे प्रभावी तरीका भी है। व्यायाम हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है और रक्तचाप को अच्छी तरह नियंत्रित रखता है। अधिकांश अध्ययनों से पता चलता है कि सप्ताह में 150 मिनट का व्यायाम (या सप्ताह में 5 दिन 30 मिनट का व्यायाम) आपके मधुमेह और उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम कर सकता है।

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